श्री गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व को समर्पित काशी यात्रा के लिए केंद्र जल्द से जल्द करे रेलगाड़ियों का शिड्यूल जारी: Deepak Bali

पंजाब सरकार के सांस्कृतिक एवं पर्यटन विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने केंद्र सरकार से अपील की है कि श्री गुरु रविदास महाराज जी के 650वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में पंजाब से काशी (वाराणसी) के लिए विशेष रेलगाड़ियाँ तुरंत आवंटित की जाएं।

 

उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार इस पावन अवसर को फरवरी 2026 से फरवरी 2027 तक बेहद भव्य स्तर पर मना रही है। साल भर चलने वाले आयोजनों के तहत देश-विदेश और उन सभी स्थानों पर कीर्तन दरबार और शोभा यात्राएं आयोजित की जा रही हैं, जहाँ गुरु साहब के चरण पड़े थे।

 

दीपक बाली ने कहा कि संगतों को गुरु साहब की जन्मस्थली और तपस्थली ‘काशी’ के दर्शन करवाने के लिए पंजाब सरकार ने पूरे एक साल तक विशेष ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है। इसके लिए पंजाब सरकार की ओर से बीते 30 मार्च को ही आईआरसीटीसी को पत्र लिखकर ट्रेन चलाने की मांग की गई थी। हालांकि, लगभग एक महीना बीत जाने के बाद भी केंद्र सरकार या रेलवे विभाग की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है।

 

उन्होंने कहा कि मैंने रेलवे से व्यक्तिगत रूप से भी इस संबंध में बात की है, लेकिन अभी तक केवल ‘विचार कर रहे हैं’ जैसे उत्तर ही मिल रहे हैं, जो कि गुरु की संगत के प्रति उचित व्यवहार नहीं है।

 

बाली ने केंद्र सरकार और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ-साथ केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू से भी अपील की कि वे इस पवित्र कार्य को राजनीति की भेंट न चढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि कि यह आम आदमी पार्टी की सरकार की मांग नहीं है, बल्कि यह लाखों गुरु प्रेमी संगतों की आस्था का सवाल है। केंद्र सरकार को इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखना चाहिए कि ये ट्रेनें पंजाब सरकार ने मांगी हैं।

 

उन्होंने विशेष रूप से रवनीत बिट्टू से अपील की कि वे पंजाब के प्रतिनिधि होने के नाते गुरु के विनम्र सेवक बनकर इन ट्रेनों को जल्द मंजूरी दिलाएं।

 

दीपक बाली ने समस्त संत समाज से भी आह्वान किया कि वे केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रियों पर दबाव बनाएं ताकि पंजाब की संगत जल्द से जल्द गुरु धामों के दर्शन कर सके। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के कार्यों में देरी करना न्यायसंगत नहीं है। केंद्र को आईआरसीटीसी के पास लंबित पत्र पर तुरंत कार्रवाई कर ट्रेनों का शिड्यूल जारी किया जाना चाहिए।